कौन कहता है जमाना ख़राब है अपन सही तो जमाना भी सही

ज़ब मंजिल की तलाश हो तो पीछे मुड़कर नहीं देखा जाता समय लगेगा मंजिल मिल ही जाएगी

मुझसे नफरत करने बालो अपनी संख्या बढ़ा लो क्योंकि चाहने बालो की संख्या रोज रोज बढ़ रही है

अजय गौतम पवई बिधानसभा 58

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